खालिस खामोश है
अब,तू मेरे पास है
फिर भी एक बेचैनी है
लगता नही इतना, आसान तेरा साथ है
खालिस ...............................................
ख़ामोशी हमेशा अच्छी नहीं होती
दिल में हो तो दर्द ,रिश्ते में नर्क के पास है
फिर भी आज सब अच्छा लगता है
ख़ामोशी भी कभी-कभी जिंदगी का पास है
जब गुनगुनाता हूँ ,यादे आँखों में सिमट जाती है
जब तुम सीने में छुप जाती थी
झनझनाहट से रूबरू होकर
आंखे नाम हो जाती है
खालिस खामोश......................................
ऐसा नहीं है की,
तुम्हारे साथ सारे पल अच्छे थे या है
मगर मानों वो दिन मेरे नहीं की
किसी और के पास है
खालिस.......................................
हर पल ऐसा गुजरता है
मानों तुम्हारे साथ की खुशबु के पास है
अपनी चिंता धुंधली हो गई है
जब से तेरे साथ है
खालिस ...........................................
तना-सा तना हूँ मैं
तुझसे-ही मैं बना हूँ मैं
जिंदगी सिमट जाये ,चाहे तो यहीं
तेरी ही जुस्तजू में हूँ मैं यहाँ
खालिस ...........................................
गम का शहर नहीं है
तुझे खोने का डर नहीं है
अपनी याद में तुम हो
खोवाहिश में तुम हो
ख़ामोशी में तुम हो
गम या प्यास में तुम हो
कालिस में भी तुम हो .......
खालिस ...................................................
28TH SEP-11
7:50PM ,Varanasi
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