ग़रीबी क्या है
भूख है
बुरा स्वपन है
डर है रोग है
विवस्ता का सर लिए
प्रकोप है
पंचर की दुकान पे बैठा
किताब,स्कुल को देख
बस महसूस करना
इक दिन अमीर बनुगा
ये कठोर उम्मीद है
अघर के आँगन में
बारिश में भींगने का एहसास है
हर किसी के डांट चले जाने पे
खामोश घुटन जज़्बात है
शीशे के अंदर झांक
खाने को महसूस करने की प्यास है
बीमार हूँ पर फ़ीस नहीं
मज़बूरी का लाश है
बेरोजगारी और लाचारी है
आने वाले कल का डर है
खाने की तलाश में
बस खुद को ज़िंदा रखने की इक्षा है
कई तो कैलोरी में मापते है
मज़बूरी ,ज़ज़्बात एहसास क्या
ग़रीबी एक समय है
हास्य है ,अभिश्राप है
-Binodanderson
26/10/16 (22:56)
M.Nagar
Wednesday, 26 October 2016
ग़रीबी क्या है
Thursday, 20 October 2016
धुप बदला है
धुप बदला है
छांव बदला है
बाहर आके देखो
जिंदग़ी का स्वरूप बदला है
मौसम की नमी में भी दर्द होता है
महसूस करने वालों का मिज़ाज़ बदला है
पहले पिट दो हम देख लेंगें
बस कहने वालों का स्टेज बदला है
मिट गई है इंसानियत
बस इंसान का रूप बदला है
मर रहे हो तो मरो , हमारा क्या
अब तो सबों का तहज़ीब बदला है
झूठी शानों-शौक़त में लिप्त है इंसान
माँ - बाप को देखने का क़िरदार बदला है
रात हो या दिन परवाह नहीं पालने में जिनको
आज उन्हीं के लिए घर बार बदला है
धर्म के नाम पे लाखों खर्च करते है
ग़रीबो को देख इंसानियत न पिघला है
पब हो या बार उड़ाते दिलखोल के यार
मग़र ठण्ड रात में खड़ा बेचारा पे ज़ुबां का इस्तेमाल बदला है
अंदर फ़र्क़ नहीं 30ml की
बहार ₹10में संसार बदला है
देख लो समाज का आईना, कमज़ोर की जात नहीं देखते
बस शासन का झंकार बदला है
कोई फ़र्क नहीं अगर तुम अमीर हो
मंदिर हो या मस्जिद सबका ईमान बदला है
ग़रीब का क्या ,वो तो खाते सोते परेशान
उनका तो बस मेज़बान बदला है
मरने से पहले कितना हाय तौबा करते
श्मशान में मेहमान बदला है
हर चीज़ है उनकी बनाई
लेकिन आज भी समाज में रहने का उनका स्थान बदला है
धूप बदला है
छांव बदला है
-Binodanderson
01:19AM (20/10/16)
Thursday, 13 October 2016
वक़्त का पहचान हो रहा है
वक़्त का पहचान हो रहा है
तुलसी का क्या सम्मान हो रहा है
इंसान की अब कद्र कहाँ
कुत्तों का सम्मान हो रहा है
वक़्त का.........
पूजते थे घर में जिनको
घर के बाहर रख क्या अभीमान बढ़ रहा है
पाला-पोषा जिनको प्यार से
उन्हीं से कहाँ सम्मान मिल रहा है
-Binodanderson
22/04/16 (22:35 )
M.Nagar
वक़्त का पहचान हो रहा है
वक़्त का पहचान हो रहा है
तुलसी का क्या सम्मान हो रहा है
इंसान की अब कद्र कहाँ
कुत्तों का सम्मान हो रहा है
वक़्त का.........
पूजते थे घर में जिनको
घर के बाहर रख क्या अभीमान बढ़ रहा है
पाला-पोषा जिनको प्यार से
उन्हीं से कहाँ सम्मान मिल रहा है
-Binodanderson
22/04/16 (22:35 )
M.Nagar
Tuesday, 11 October 2016
Monday, 10 October 2016
तेरे पैरों की
तेरे पैरों की आहट
कहाँ से आ रही है
जबकि न तुम जा रही हो
न आ रही हो
ख़ामोश है तन मेरा
फिर भी तेरी खुशबु से मदहोश हो रहा हूँ
जबकि न तेरी शिनाख़्त है कही
न तुम आ रही हो
बेपीर ज़िस्म धड़क रहा है
आज भी तेरे साँसों से
जबकि न तुम दूर हो रही हो
न पास आ रही हो
न जाने कितनी मोहब्बत हो गई है
मेरे इस ताब्सिर आफताब को
न अँधेरा छट रहा है
न तुम मुस्तकबीर हो रही हो
तेरा अक्स है मुझमे या
मैं ही खो गया हूँ
आज भी इन निग़ाहों को इंतज़ार है तेरा
इनायतों का रहम है कि तुम आ रही हो
तेरे पैरों .......
-Binodanderson
09/10/16(1:05AM) M. nagar
Saturday, 8 October 2016
मुझें अब किसी पे ऐतबार न रहा
हद से ज़्यादा किसी से प्यार न रहा
शांत हो गई है ये दरियां ये दीवारें दो ख़त
अब समय का क्या करे मुझे तो किसी का इंतज़ार न रहा
ये कसमे वादे सब झूठे लगते है
इस जिंदगी का क्या करे जिसका कोई सार न रहा
बहुत टूट कर चाहा था मैं भी किसी को
अपनी तो जिंदगी मौत से भी बतर है
अँधेरे में अंधकार न रहा
मुझे
ख़ुदा भी न दरियादिली दिखाई
अब तो ख़ुद से भी प्यार न रहा
दूसरे मुझसे क्या उम्मीद करे
मुझे तो अपनों का भी ऐतबार न रहा
मुझे
- Binodanderson
29/09/16(11:10AM)
Traveling to delhi(near to Aligarh )
The relationship which never ended
The day was so clear n crystal like the things happen just few minutes ago. It was chakravarti hindi class in
Purnea navodaya in 2005. I was talking to my best friend Raj .and then something happen .jitesh who was know as bad guys of school even senior girls didn't want to talk .he is healthy smart but lil poor in class resist a girl name is parmeet kaur . As we know in every school every class having jitesh type guys .that make us laugh n pass dirty jokes on everyone. But that day happen something different, my eyes couldn't believe on that .she not just slap but did everything to him. she (means parmeet ) is fabulous spotless having natural beauty ,her eyes like she wanted to say you something like you are diving in it .her face expression like you wanna kiss her as soon as possible. Her hair as long as her kurti.i know you guys what wanna say .but this true . that thing is not as you understand .after that I don't know what happens with me ,most of the time my eyes catch her. and
Finally I courage my heart and i proposed for friendship but she said I don't wanna be friendship with any boys but you could be my brother .I said NO , not that mean I wanted to she became my girlfriend .only Friend.