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Sunday, 27 August 2017

इल्तज़ा बस इतनी सी है
इंतज़ार नहीं कर सकता
आंखों में यूँ उमड़ा है प्यार
इज़हार नहीं कर सकता
दुआ है ख़ुदा से बस इतनी
दूरी दे पर जुदाई बर्दाश्त नही कर सकता

Wednesday, 2 August 2017

तू जो मेरी
आदत सी हो गई है
वग़ैर तेरे
जिंदगी आफ़त सी हो गई है
तेरे ही सासों से
मुझे राहत मिलती है
वो तेरी खुशबू कहाँ से लाऊँ
जो कहीं गुम सी हो गई है
तू जो मेरी .....