इल्तज़ा बस इतनी सी है
इंतज़ार नहीं कर सकता
आंखों में यूँ उमड़ा है प्यार
इज़हार नहीं कर सकता
दुआ है ख़ुदा से बस इतनी
दूरी दे पर जुदाई बर्दाश्त नही कर सकता
" Copyright is reserve to the writer "
Sunday, 27 August 2017
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