WO कौन –सा है पहर
जो तेरी यादों का न होता हो कहर
हर-पल ये मुर्दा जगता है
तुझसे मिलने को तर्पता है
वो कौन ............................
हर अंश में खून –सा रमता है
मानों ,जिंदगी तुझमें बसता है
उठते ही बेचैन हो जाता हूँ
वो कौन ................................
दिल में एक अजीब कसीस है
आप को याद करने में भी एक रस है
तुम पास रहती हो तो भी
तुमसे मिलने की गजब कसीस है
वो कौन सा .....................
PVR PLAZA
28TH FEB 11
2:34AM