ग़रीबी क्या है
भूख है
बुरा स्वपन है
डर है रोग है
विवस्ता का सर लिए
प्रकोप है
पंचर की दुकान पे बैठा
किताब,स्कुल को देख
बस महसूस करना
इक दिन अमीर बनुगा
ये कठोर उम्मीद है
अघर के आँगन में
बारिश में भींगने का एहसास है
हर किसी के डांट चले जाने पे
खामोश घुटन जज़्बात है
शीशे के अंदर झांक
खाने को महसूस करने की प्यास है
बीमार हूँ पर फ़ीस नहीं
मज़बूरी का लाश है
बेरोजगारी और लाचारी है
आने वाले कल का डर है
खाने की तलाश में
बस खुद को ज़िंदा रखने की इक्षा है
कई तो कैलोरी में मापते है
मज़बूरी ,ज़ज़्बात एहसास क्या
ग़रीबी एक समय है
हास्य है ,अभिश्राप है
-Binodanderson
26/10/16 (22:56)
M.Nagar
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Wednesday, 26 October 2016
ग़रीबी क्या है
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