This is my personal experience, feelings and thought
हर दर्द की तासिर है मुझमें गुज़रे जमाना का फ़क़ीर है मुझमे बनाने वाले ने न जाने क्या सोच कर बनाया हर बदनसीब का तस्वीर है मुझमें
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