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Tuesday, 13 March 2012

आज फिर


आज फिर मन उदास है
कभी जिंदगी हास्य है
तो कभी बुझती न प्यास है
मेरा सब कुछ तो तेरे पास है
आज फिर...............................

इस दुनिया के मंच पे
सब कुछ बकबास है
कोई आता है हस के
कोई करता रोकर वास है \
आज फिर ..................................
इस जीवन चक्र में
हम सब है कलाकार
सबको कुछ कर दिखाना है
किसकी जीत तो किसीकी हार है
आज फिर...................................
मैं जनता हूँ तुमसे नहीं मिल पाउँगा
फिर भी भगवान पे विश्वास है
मैं इतना जनता हूँ केवल हम सब इंसान है
चाहे कुछ भी हो तुम तो मेरी जान है
आज फिर...........................................


  

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