" Copyright is reserve to the writer "

Tuesday, 13 March 2012

जाने क्यों


जाने क्यों ,तुम याद मुझे आती है
दिल को जख्मी ,आँखे भी नम कर जाती है
जाने क्यों ...............................
सोया रहता हूँ गहरी नींद में
फिर भी आँखों में मेरी आसू  की जाम छलकाती है
जाने क्यों ................................
सपने तुम्हारे अलावा कुछ आता नहीं
हर बार शिकस्त तुम्हरी याद दे जाती है
जाने क्यों ...................................
यहाँ हर कोई जीता है खुद के लिए
आपनी जिंदगी जा मैं तुम्हे देता हूँ
मरने के बाद भी तेरे साथ मैं चलूँगा
ये वादा करते है
जाने क्यों ....................................
मुकरर मुझसे नाराज़ हो या शाद
मुझे नहीं अब फर्क परता है
क्योंकी मेरी जिंदगी में अब बस तु ही रमता है
अब जाना क्यों तुझे इतना याद करता हूँ....................

No comments:

Post a Comment