ये
जो बेपनाह मोहबत से विभोर
एक-दूसरे की जिंदगी में चूर
ये
गम
जो कभी ना हो कम
फिर भी हमेशा साथ रहे खुशी
मज़बूरी
मगर इख्तियार
इंतज़ार
जो कर दे बेक़रार
मनाही
मगर प्यार
ये
जो कहता है
बुरी नज़र
छोड़ ना यार
बदनाम समाज
बेपरवाह आज
आज का मेहनत
कल का भविष्य
आज का लगन
जिंदगी का अमन
ऐसा दीक्षित
हमारी यारी और
ये
जो है !
दोस्ती.................................................
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