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Friday, 5 August 2016

न दवा का सिरस है
न ही ज़हर का
मोहब्बत में ये कैसा शहर है
न साहिल पे हूँ न ही मिले किनारा
न दवा का सिरस है

बार बार मिलता हूँ
फिर भी कम पड़ता है सारा
कुछ कहते है ये उम्र का दोष है
मैं कभी नहीं चाहता ये सच हो
क्योंकि आधी उम्र उनके संग ही है गुज़ारा
न दवा का सिरस है न ज़हर का

क़ुर्बान है मेरी हर सांस
पाने को आपका एहसास सारा
एक ही चीज़ मुद्दतों से पाया है
खो नहीं सकता उसको दुबारा
न दवा सिरस है न ज़हर

         -Binodanderson
           4th August 16
           16:04 training in metro from laxmi nagar to gtb nagar

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