बुझ गया है दिया
मगर आग अभी बाकी है
वर्षो पहले जो जलाया था चराग़ यूँ ही
उसके गर्मी का आफ़ताब अभी बाक़ी है
बुझ गया है .....
लोग कहते है दुरी सबकुछ मिटा देती है
फिर ये यादों का सिलसिला क्यों बाक़ी है
हर वक़्त हर किसी में अक्स उसका नज़र आता है
आज भी मेरे नज़रों का प्यास अभी बाक़ी है
बुझ गया है .........
दिल को कसीस आज भी है उनके चले जाने का
तन्हाई में बस एक झलक की चाह बाक़ी है
आ जाओ लौट के अगर जाना ही था तो आये क्यों
तेरे इंतज़ार में सासों का चलना अभी बाकी है
बुझ गया है.....
-binodanderson
18:34 (27/08/16) for Rajesh
No comments:
Post a Comment