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Saturday, 27 August 2016

बुझ गया है दिया

बुझ गया है दिया
मगर आग अभी बाकी है
वर्षो पहले जो जलाया था चराग़ यूँ ही
उसके गर्मी का आफ़ताब अभी बाक़ी है
बुझ गया है .....

लोग कहते है दुरी सबकुछ मिटा देती है
फिर ये यादों का सिलसिला क्यों बाक़ी है
हर वक़्त हर किसी में अक्स उसका नज़र आता है
आज भी मेरे नज़रों का प्यास अभी बाक़ी है
बुझ गया है .........

दिल को कसीस आज भी है उनके चले जाने का
तन्हाई में बस एक झलक की चाह बाक़ी है
आ जाओ लौट के अगर जाना ही था तो आये क्यों
तेरे इंतज़ार में सासों का चलना अभी बाकी है
बुझ गया है.....
        -binodanderson
         18:34 (27/08/16) for Rajesh

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