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Thursday, 7 July 2016

तेरे संग जो

तेरे संग जो होता हूँ
मनो पूरा पल जीता हूँ
चाहे ख़ामोश रहूं या कुछ कहूँ
मग़र पूरी कहानी गढ़ता हूँ
तेरे संग जो ........

ज़िन्दगी लम्हों में ही सही
पर पूरी फ़ितूर पीता हूँ
इतेफ़ाक़ नहीं रखता ,किसी गम से
जब भी ख़ुद को तेरे पास रखता हूँ
तेरे संग जो ......

मेहरूम हूँ तेरे हर आदतों से
ख़ुद को जो तुझमें महसूस करता हूँ
मत होना तू ज़ुदा कभी
मर जाऊंगा ,साँस जो तुझसे लेता हूँ
तेरे संग जो ..........
               -Binodanderson
                 Mukharjee nagar
                 7/7/16, 1AM

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