" Copyright is reserve to the writer "

Thursday, 4 October 2012

तेरी यादों ....................


तेरी यादों की गर्मी से
गर्म मेरा समां हो जाता है
जहाँ तेरी कमी हो
वहां भी तू रवां हो जाता है
तेरी यादों ....................

कसमकस मेरे ख्वाहिश में तेरी
फिर भी एक एहसास बाकी होता है
थप्पेरे तेरे ,मेरे दरिचें में
जश्न -सा माहौल बना रहा होता है
तेरी यादों ....................

जब तेरा साथ होता है
मनो समय थम-सा जाता है
जिंदगी में हमेशा ,चर सयों के
अचर गर्त में दुबकी लगा रहा होता है
तेरी यादों ....................

इन तरानों के संग ,जिंदगी बढ़ रही है
कभी पास तो कभी दूर हो जाती है
इतनी करवटें बदलती है जिंदगी
फिर भी तुम्हरी बाँहों में शांत हो जाती है
तेरी यादों ....................


No comments:

Post a Comment