मेरी ज़िन्दगी न मेरा है
ख़ुदा भी मुझसे कहाँ जुड़ा है
थोड़े थोड़े ख़ुशी में भी
उनको जाने क्या गड़ा है
मेरी ज़िन्दगी....
हर वक़्त रहता इंतज़ार है
कब मिलेगी वो ख़ुशी जो ज़ार ज़ार है
इस उम्मीद में अब भी सब के विश्वास
को कर रहा तार तार है
मेरी ज़िन्दगी........
अब तू ही बता मेरा कौन है सिवा तेरे
फिर भी उजड़ा मेरा संसार है
मौला अब तो छोड़ दे, मेरी हिज़्र से यूँ खेलना
सवाँर दे मेरी क़िस्मत जो अब तक बेकार है
मेरी ज़िन्दगी .....
-Binodanderson
21:18 (19/09/16)
INS Metro
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