जितनी बार मिलता हूँ
ये प्यार ज्यादा हो जाता है
कितना भी जिद्द करू तो भी
पूरा होना अधूरा रह जाता है
कितना भी मिलु उनसे
प्यास प्यासा सा रह जाता है
कोशिश लाख कर ली मैंने
ख़ुद को पूरा महसूस करने की ,तेरे बग़ैर
ज़िन्दगी का हर सम्मा अधूरा सा रह जाता है
न जाने ऐसा क्या रिश्ता बना दिया भगवान ने
साँस तो लेता हूँ दड़कने अधूरा सा रह जाता है
तुझे एक बार देख लू मिल लू
मनो जिस्म में प्राण-सा आ जाता है
अकेले में भी आँखे, प्यार बयां कर जाती है
ख़ामोश रहता हूँ तेरी यादें मुझमे रंग भर जाता है
क्या करू तुझे पूरा पाने की
हर कोशिश करता हूँ फिर भी बिखरा सा रह जाता है
-Binodanderson
9/9/19(15:16)
Laxmi nagar
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