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Saturday, 24 September 2016

मेरा देश बदल रहा है

वर्षो बाद सुना है
अपना नाम चल रहा है
कागज़ के नीव की जगह
Digital बोर्ड लग रहा है
मेरा देश बदल.....

रोटी से अभी भूख भी न ख़त्म हुई
Data का चस्का लग रहा है
जहाँ हाथों में हल कुल्हार थे
वहाँ रेडियो से मन की बात सुन रहा है
मेरा देश बदल .......

एजुकेशन फ़ी हो या हो ट्रेवल का भार
सब का rate बढ़ रहा है
मन की बात हो या योजनाओं पे तमाच
हर जगह अपना नाम गढ़ रहा है
आज फिर से भारत इंडिया बन रहा है
मेरा देश बदल ......

जहाँ देखो होड़ मची है
ग़रीबी की आंच में झोंक के जीडीपी बढ़ रहा है
किसान हो या विद्यार्थी
दोनों जिंदगी से लड़ रहा है
मेरा देश बदल ......

बहुत उम्मीदों से जिताया था
अब वो उम्मीद ख़त्म हो रहा है
अपने वानर सेना में
ख़ुद ही फ़िसल रहा है
मेरा देश बदल रहा है

वादे किए हज़ार, चाहे पुरे न हुए एक भी यार
इन्फ्लेशन था 14 के पार अब है 4 के आर
दाल हो या सब्जी सबका रखा है ख़्याल
आख़िर आप सब ने ही बनाई है अपनी सरकार
             -Binodanderson
              Some where in train on way                                            To patna 16:41(23/09/16)

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