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Sunday, 24 April 2016

सारे गिले शिक़वे


सारे गिले शिक़वे
यूँ इख़्तियार ले रहे है
मनो दिल, दिमाग़ से
पत्राचार कर रहे है
सारे गिले..........

ज़िन्दगी के आयाम में
तेरी न मौजूदगी परेशां कर रहे है
पहले यूँ ही ख़ाम हो जाता था
अब तेरी आहटों का इंतज़ार कर रहे है
सारे गिले.............

मैं भी नहीं चाहता था औरों की तरह
फिर भी इसमें सरीक हो रहे है
हर वादा और इरादा
डूबती कस्ती पे अब सवार हो रहे है
सारे गिले............

मोहब्बत का शुक्रिया करू या ख़ुदा का
आज भी
आँखों के आँसू मुझसे कितना प्यार कर रहे है
तुझसे बिछड़ के जिंदगी बदरंग हो जायेगी
इसलिए आज भी उनका इंतज़ार कर रहे है
सारे गिले...........

ऐसा नहीं है की प्यार ख़त्म हो गया है
बस अपनी झूठी उम्मीद को बरक़रार रख रहे है
कहीँ ये जिंदगी ज़िल्लत से दम न तोड़े दे
इसलिए आज भी हम आपसे प्यार कर रहे है
सारे गिले.................

Binod Anderson
30th-Nov-13
Patna

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