This is my personal experience, feelings and thought
ये आग सी बेचैनी है जलने बुझने की ख़ाक भी न होता है समंदर से प्यास की ये आग पलकें छोड़ आता हूँ तेरी उम्मीदों में फिर भी जिद्द करता है ढूंढने की
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