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Friday, 19 May 2017

एहसास अभी बाक़ी है

हर दर्द का एहसास बाक़ी है
गुज़र गया है वक़्त निशां अभी बाक़ी है
धुँधले से वक़्त ऐसी चमक दिखाई
उड़ गया है हर रंग ,उनकी परछाई अभी बाक़ी है
हर दर्द

मज़बूत कर रहा है हर चोट मुझे
मेरी शख़्सियत का अक्स अभी बाक़ी है
मैं जानता हूँ तू न रुकेगा यू दर्द देने से
कभी मुफ़्लिशी में हूँ मग़र निकलना अभी बाक़ी है
हर दर्द

देख ली मंज़र कई मैंने भी मग़र
मेरी ज़िंदगी का कल आना अभी बाक़ी है
ज़िल्लतों में मैं नहीं मरूँगा याद रख
मेरी रंजो श्रम की सांस अभी बाक़ी है
हर दर्द...........
                -Binodanderson (20/05/17)
                 M Nagar  9:15AM

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