This is my personal experience, feelings and thought
मेरे हर दर्द से तकलीफ़ में तू तेरे हर ग़म से मसरूफ़ मैं मेरे हर हँसी के पीछे छुपी दास्ताँ जान लेती है तू तेरी ख़ामोशी से मगरुफ़ मैं
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