This is my personal experience, feelings and thought
भूख-सी ज़िन्दगी है भूख सा ही अपना जहां है जीता दिया जिनकों उम्मीदों पे करता नहीं कुछ अपनों सा है चंद लोगोँ को देख कर लगा दिया मौत को कतार सा है
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