This is my personal experience, feelings and thought
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Saturday, 8 August 2015
वक़्त बदला मौसम बदला बदल गया समाज गिर गए थे पत्ते जिनके निकल गये है कोमल पर उनके ले के नए अवतार दृष्टी बदला सृष्टि बदला नहीं बदला एक इंसान हम जिनको मानते भगवान जिसने मानवता बनाया समाज बनाया संस्कृति बनाई संस्कार बनाया सचिन बनाया सौरभ बनाया और बने APJ ऐसे गुरु को सत् सत् प्रणाम।
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