दर्द का शहर मुझसे है
कहर का ज़हर मुझसे है
जब से दूर हुए हो आप मुझसे ,
हर तन्हाई का इल्म मुझसे है
दर्द का ...................
परछाई का साया मुझसे है
गम भी नहाया मुझसे है
जब याद करता हूँ ,आंसू भी मजाक करती है
बूंद में छिपी नमकीन तूझसे है
दर्द का ......................
मेरे रहबरे में
तेरे यादों की रोशन दिए की शिनाख्त मुझसे है
तू दूर ही सही ,अगर मैं ना रहा तो
तेरी ये याद और तन्हाई किस से होगी
दर्द का .......................
18th nov.12
08:05pm

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