ओस की बूंद –सी
है तुम्हारी मोहबत और तू
कोमल
चंचल
ह्रदयस्पर्शी
चमक
स्पर्श से ही
समां जाती है
फ़ना हो
कर भी
कितना याद
आती है तू
हर सुबह की
तरह
हमेशा एक नया
एहसास दे
जाती है तू
सुबह की
प्यारी हवा सी है तुम्हारी मोहबत और तू
बिस्तर पे
लगे तो आलस्य आ जाय
Walk पे लगे तो Mood
fresh हो जाय
जिस्म पे लगे
तो फ़ना हो जाय ........
ईमली की khatas है तुम्हारी मोहबत और तू
आम की प्यास
है तू
लस्सी और
कुल्हड़ जैसी
Cool
एंड खास है तू
मेरी तो सांस
है तू
जिंदगी जीने
की आस है तू
दिल में धरकती
धडकन की प्यास है तू.................
19th
April 2012
2:45pm
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